बिगड़ सकता है राजनीतिक दलों का समीकरण।

चेयरमैन प्रत्याशी बदरून्निशां के समर्थन में निकाली गई विशाल रैली

पूर्व प्रधान की रैली में उमड़ा जनसैलाब। बढ़ाया सियासी तापमान।

बिगड़ सकता है राजनीतिक दलों का समीकरण।

कर्नलगंज, गोण्डा। नगर पालिका चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन चेयरमैन पद की निर्दलीय प्रत्याशी श्रीमती बदरून्निशां के समर्थन में मंगलवार को सुबह दस बजे एक विशाल जनसंपर्क रैली निकालकर अपनी ताकत का एहसास कराया गया। पूर्व प्रधान की रैली में उमड़े जनसैलाब ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है और राजनीतिक दलों का समीकरण भी बिगड़ सकता है।

मंगलवार को शाम 5 बजे शासकीय रूप से चुनाव प्रचार थमने के पहले चेयरमैन प्रत्याशी श्रीमती बदरून्निशां के पति मो० अहमद प्रधान कर्नलगंज के द्वारा भारी जनसमूह के साथ परसपुर रोड से निकाली गई रैली बाजार के मुख्य मार्गों से होते हुए सकरौरा, सुक्खा पुरवा, घंटाघर,नई बाजार, लारी रोड से होकर सकरौरा चौराहा स्थित चुनाव कार्यालय पहुंचकर संपन्न हुई। यहां वक्ताओं ने उपस्थित कार्यकर्ताओं से कहा कि साउंड और वाहन से प्रचार प्रसार बंद हो गया है, अब हम सभी को अपना-अपना बूथ संभालना है। बूथ जितना मजबूत होगा उतनी ही हमें सफलता मिलेगी। यदि हमने बूथ जीत जीत लिया तो समझो चुनाव जीत लिया। सभी कार्यकर्ता अभी से ही अपने-अपने बूथों पर पहुंचकर अब सीधे मतदाताओं से रूबरू होकर 4 मई को अपना मत डालने का अनुरोध करें। चेयरमैन प्रत्याशी श्रीमती बदरून्निशां के पति मो० अहमद ने मतदाताओं से हाथ जोड़कर चुनाव में जीप निशान वाले खाने पर वोंट देकर प्रत्याशी को जिताने का अनुरोध किया। रैली में पूरे रास्ते भर धर्म की ना जाति की बात है विकास की, अहमद भाई संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं,हमारा चेयरमैन कैसा हो श्रीमती बदरुन्निशां जैसा हो के गगनभेदी नारों के साथ जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान रैली में हाजी शमशाद, हाजी रईस अहमद डा० अच्छन, जयप्रकाश सिंह,शत्रोहन मौर्य, मुनव्वर अली,अफजल नदीम, शिवदयाल प्रधान,मो० शाहिद मस्तान बकाई, मनोज कुमार यादव, अन्नू सिंह, हाजी अहमद कलीम कुच्चू,अमीनुद्दीन,मोहम्मद इबरार, शब्बीर ठेकेदार, शमसुद्दीन,रिजवान अहमद, ओंकार विश्वकर्मा, श्रीचंद विश्वकर्मा,नकछेद राईनी,जावेद अहमद चीनी टेंट,महबूब अली, नूरमोहम्मद, मुहैय्यतदीन, डा० जीशान,मो० फारुख सहित हजारों की संख्या में लोग शामिल रहे। पूर्व प्रधान की रैली में उमड़े जनसैलाब ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है और राजनीतिक दलों का समीकरण भी बिगड़ सकता है।