जब सूचना कार्यालय ही भ्रष्टाचार में जकड़ा हुआ है तो भ्रष्टाचार पर कैसे लगेगा अंकुश

गोंडा। देखिये कितना भ्रष्ट है सूचना अधिकारी गोंडा व उसका विभाग। सूचना विभाग द्वारा मीडिया को कवरेज से रोकने का प्रयास। जिससे कम से कम मीडिया कर्मी चुनावों की कर सकें कवरेज जो किसी साजिश की ओर कर रही है इशारे।

जिला सूचना अधिकारी संजय कुमार के बिगड़े बोल- कहा मै नियम कानून व किसी अधिकारी को नहीं मानता मैं जैसा चाहूँगा वैसा ही होगा चाहे जिससे करो शिकायत।’ इसके बाद कुछ चहेते पत्रकारों के साथ उनकी गाड़ी में बैठकर चले गये संजय कुमार।

बाद में पत्रकारों द्वारा सूचना अधिकारी की सूचना निदेशक से शिकायत पर उनके द्वारा जारी निर्देश के बावजूद चंद कार्ड बनाये गये।

आपको बता दें कि बदमिजाज सूचना अधिकारी संजय कुमार पहले भी मान्यता प्राप्त पत्रकारों का कार्ड रिन्यूअल कराने में की थी आनाकानी, जिस पर सूचना निदेशक के हस्तक्षेप पर हुआ था रिन्यूअल।

 

वीडियो में पत्रकारों के साथ इसके व्यवहार को सुनिये तथा चहेतों के साथ उनकी गाड़ी में बैठकर भागते हुये देखिये। इसी के साथ सूचना विभाग में जो चैनल या संस्थान बंद हो चुके हैं उनका कार्ड भी बना हुआ है। देखिये।

विश्वस्त सूत्रों की मानें तो चाटुकारिता करने वाले और सूचना विभाग के जेब गरम करने वाले लोगों का अड्डा बना जिला सूचना कार्यालय।