मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता का आदेश एक्सईएन प्रथम के लिए हवा-हवाई

विद्युत जेई व लिपिक के विरुद्ध जांच रिपोर्ट देने में कर रहे हीलाहवाली।

गोण्डा। विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता इं०दीपक अग्रवाल सहित अधीक्षण अभियंता इं. रामनरेश सरोज द्वारा बार बार दिए जा रहे आदेश के बावजूद भी एक्सईएन प्रथम राधेश्याम भाष्कर द्वारा उच्चाधिकारियों का पत्र ठंडे बस्ते में डालकर आरोपियों को बचाने का भरसक प्रयास किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।
विदित हो कि मुख्य अभियंता द्वारा करीब तीन माह पहले उपखण्ड कार्यालय आर्यनगर द्वितीय में कार्यरत लिपिक पंकज सिंह के कारनामों की जांच अधीक्षण अभियंता रामनरेश सरोज को सौंपी गई और कई बार मौखिक रूप से जांच रिपोर्ट मांगी गई परन्तु जांच अधिकारियों द्वारा उनके आदेशों को नजरंदाज किया जाता रहा। दिनांक 27 अप्रैल को मुख्य अभियंता द्वारा अधीक्षण अभियंता को पुनः पत्र देकर जांच रिपोर्ट मांगी गई परन्तु
उसे भी नजरन्दाज किया गया। दिनांक 18 मई को पत्रांक संख्या-2274 पर मुख्य अभियंता द्वारा अधीक्षण अभियंता को पत्र भेज कर लिखा गया कि बिलम्बतम 22.5.2023 तक जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें अन्यथा की स्थिति में आपको आरोपित किया जा सकता है। जिसके क्रम में अधीक्षण अभियंता द्वारा बार-बार पत्र लिखने के बावजूद भी अधिशाषी अभियंता प्रथम द्वारा जांच रिपोर्ट न दिए जाने से आम जनमानस में चर्चा है कि अधिशाषी अभियंता पहले भी यहीं रह चुके हैं जिससे इनका और आरोपियों का पूर्व से ही मधुर संबन्ध जारी रहने से यह जांच रिपोर्ट देना नही चाहते। इतना ही नही लोगों का कहना यह भी है कि बार बार नाफरमानी करने वाले अधिशाषी अभियंता प्रथम के विरुद्ध उच्चाधिकारियों द्वारा नियमानुसार कार्यवाही क्यों नही की जाती जो एक बड़ा प्रश्न होने के नाते उनके भी कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहा है।