समस्त सीएचसी अधीक्षकों को डीएम का सख्त निर्देश, शासन की मंशानुसार जनसामान्य को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराएं

प्रशांत कुमार श्रीवास्तव की रिपोर्ट

204 आशाओं की सेवा समाप्त करने के दिये निर्देश

जुलाई से चलेगा संचारी रोग नियंत्रण अभियान

गोण्डा शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी नेहा शर्मा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत चलाए जा रहे कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी। बैठक में प्रस्तावित एजेंडा के आधार पर यू0पी0एच0एम0आई0एस0 हेल्थ डैशबोर्ड, मातृ स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, कम्युनिटी प्रोसेस, राष्ट्रीय कार्यक्रम नान कम्युनिकेबल डिजीज, एन0सी0डी0, एन0बी0सी0पी0, आर0एन0टी0सी0पी0, पी0एम0एम0वी0वाई0, नियमित टीकाकरण, वैक्सीनेशन, जननी सुरक्षा व मातृ वंदना योजना के तहत भुगतान की स्थिति, आशा इन्सेन्टिव, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, ओपीडी व आईपीडी की स्थिति, प्राथामिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा सीएचसी पर बेडों की ऑक्यूपेंसी की स्थिति सहित अन्य योजनाओं की जिलाधिकारी द्वारा गहन समीक्षा की गई। वहीं जिला स्वास्थ समिति की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं की समीक्षा की गई। समीक्षा में जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० रश्मि वर्मा को निर्देश देते हुए कहा कि जनपद के सभी सीएचसी अधीक्षक एवं पीएचसी अधीक्षकों की प्रतिदिन जूम के माध्यम से उपस्थिति को चेक किया जाये।
इसके साथ ही बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत माह मई, 2023 का भ्रमण की समीक्षा की गई। एनआरसी में भर्ती बच्चों, आरसीएच पोर्टल फीडिंग के स्टेटस, एनपीसीडीसीएस, राष्ट्रीय कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टिक्षीणता नियंत्रण कार्यक्रम आदि सभी की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि समय से कार्य कराना सुनिश्चित करें।
डीएम द्वारा सभी सीएचसी अधीक्षकों को कड़े निर्देश दिये गये कि अपने अपने सीएचसी पर साफ- सफाई पर विशेष ध्यान दें।
बैठक में जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि आगामी 1 जुलाई से चलने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान को सफल बनाने हेतु जनपद में वृहद स्तर पर साफ सफाई सहित अन्य सभी कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाय।
समीक्षा बैठक में संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि जनपद में 204 आशा बहुओं के द्वारा कार्य में रुचि नहीं ली जा रही है। जिसके कारण जनपद में संस्थागत प्रसव की प्रगति संतोषजनक नहीं है। जिसे संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० रश्मि वर्मा को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि इन सभी आशा बहुओं को 1 माह का समय दिया जाए यदि एक माह में इनके द्वारा संतोषजनक कार्य नहीं किया जा रहा है, तो इनकी सेवा समाप्त कर दी जाय।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशानुसार जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए सभी सीएचसी अधीक्षक सीएचसी पर ही निवास करें तथा संस्थागत प्रसव एवं विभिन्न प्रकार के टीकों को समय से लगवाना सुनिश्चित करें।
वहीं बैठक में जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने निर्देश दिए कि जनपद में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है जिसमें बच्चों को चिन्हित कर उन्हें टीका लगाया जाए। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से मरीजों को भर्ती करायें। ई-कवच को पोर्टल को अपडेट करें।
प्रसव केंद्र पर प्रसव की संख्या बढ़ाएं। सब सेंटरों पर एएनएम की उपस्थिति सुनिश्चित की जाये। ताकि सेंटर पर आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिया जा सके।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी एम.अरुन्मोली, सी0एम0ओ0 डॉक्टर रश्मि वर्मा, एसीएमओ डॉ० एपी सिंह, डॉक्टर आदित्य वर्मा, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल, सीएमएस महिला अस्पताल डॉ० शालू, डॉक्टर आरपी सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा विभाग, डीपीएम अमरनाथ, जिला कार्यक्रम अधिकारी धर्मेंद्र कुमार गौतम, सहित डब्ल्यू0एच0ओ0 यूनिसेफ के पदाअधिकारी, समस्त सी0एच0सी0 अधीक्षक तथा अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।