शेरवानी ने दिया जीव हत्या रोके जाने का संदेश बकरी के चित्र वाला केक काटकर मनाई ईद

प्रशांत कुमार श्रीवास्तव की रिपोर्ट

आगरा : बकरा ईद के मौके पर मुस्लिम समाज के लोग एक से बढ़कर एक कीमती और खूबसूरत बकरों को कुर्बान करते हैं वही मोहब्बत की नगरी आगरा में एक चर्चित मुस्लिम परिवार ऐसा भी है जो ना तो खुद कभी किसी जानवर की हत्या करता है बल्कि अन्य लोगों को भी कुर्बानी के नाम पर की जाने वाली जानवरों की हत्या को रोकने का संदेश देते हुए बकरे के चित्र वाला केक काटकर ईद मनाता है

प्राप्त जानकारी के अनुसार शाहगंजक्षेत्र के आजम पारा शेरवानी मार्ग तिरंगा मंजिल निवासी नवाब गुल चमन शेरवानी का परिवार पिछले 6 वर्षों से लगातार बकरा ईद के मौके पर बकरे के चित्र वाला केक काटकर कुर्बानी देकर ईद मनाते हुए लोगों को जी बताना किए जाने का संदेश दे रहे हैं
श्री शेरवानी राष्ट्रगीत वंदे मातरम तथा तिरंगा प्रेम के चलते सुर्खियों में आए थे वह वंचित समाज इंसाफ पार्टी वीआईपी से फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद प्रत्याशी रह चुके हैं श्री शेरवानी की तिरंगा फैमिली का मानना है कि ईश्वर ने खाने के लिए तमाम नियामत पैदा की है फिर अपने भोजन के लिए किसी जीव की हत्या करना मुनासिब नहीं है
श्री शेरवानी का मानना है कि बहुत ही कम लोग शर्यती तौर पर तरीके से कुर्बानी करते हैं बाकी लोग अपनी दौलत की नुमाइश करते हुए गरीब लोगों की गरीबी का मजाक बनाते हैं शर्यती तौर पर उस जानवर की कुर्बानी करनी चाहिए जिससे हमें लगाव हो और हमें उसे बचपन से अपने परिवार के मेंबर की तरह पाला हो अगर हम ऐसा करते हैं तो हमारी इच्छा ही नहीं हो सकती उस जानवर का मीट खा सकें लोग एक दिन पहले दौलत के बल पर जानवर लेकर आते हैं और अगले दिन उसे अल्लाह के नाम पर इब्राहिम साहब की याद बता कर काट कर हत्या कर देते हैं यह कुर्बानी नहीं बल्कि जीव हत्या है
श्री शेरवानी का कहना है कि सदियों पूर्व हजरत इब्राहिम साहब ने अल्लाह की राह में अपने तमाम पसंदीदा जानवरों को कुर्बान करने के बाद अपने बेटे को जुबा करना चाहता अल्लाह की राह में लेकिन अल्लाह सिर्फ कुर्बानी करने वाले की नियत देखता है और अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक जानवर भेड़ पैदा कर दिया तब से ही जानवरों की कुर्बानी का सिलसिला चल रहा है जब इंसान की जगह जानवर आ सकता है तो जानवर की जगह जानवर के फोटो वाला केक काटकर इस परंपरा को अदा क्यों नहीं किया जा सकता
आज दौलतमंद लोग कुर्बानी के नाम पर जीव हत्या करते हैं और गरीबों का हक मारते हैं कुर्बानी करने वाले को सबसे पहले अपने मां बाप अपने भाई बहन और पड़ोसियों का हक अदा करना चाहिए उसके बाद कुर्बानी जायज है जबकि ऐसे लोग भी कुर्बानी कर रहे हैं जो केवल ईद और बकरा ईद और कभी-कभी जुम्मे को नमाज अदा करते हैं उसके बाद मस्जिद की तरफ मुड़ कर भी नहीं देखते सबसे पहले तो आदमी को नमाजी होना चाहिए और ईमानदार होना चाहिए अपने भाई बहन मां बाप का फर्ज अदा करना चाहिए खैरात और जकात करने के बाद कुर्बानी जायज है जबकि लोग अपनी खैरात और फितरा सदका तक नहीं निकालते मेरा मानना है कि यदि देश भर के मुसलमान ईमानदारी के साथ जकात निकाल दें तो देश में 80 परसेंट भुखमरी खत्म हो जाएगी श्री शेरवानी के तरंगा परिवार द्वारा की गई अनोखी पहल पर पंकज अग्रवाल समाजसेवी पंकज यादव राष्ट्रीय महासचिव समाजवादी युवजन सभा पंकज राणा जिला अध्यक्ष वंदे मातरम यूथ बिग्रेड अलीगढ़ शेर मोहम्मद उस्मानी जिला अध्यक्ष वंदे मातरम यूथ बिग्रेड हाथरस में शुभकामनाएं बधाई दी इस मौके पर सैयद रज्जब अली वाजिद खान अब्बास रशीद खान अब्बास मोहम्मद शरीफ अरबी मुल्लाजी ताजुद्दीन सैफी जावेद सलमानी सुलेमान मलिक नूरुद्दीन उस्मानी जावेद नवाब हुसैन रईस कुरैशी शाहरुख उस्मानी कमरुद्दीन उस्मानी आदि मौजूद थे